पिछले कुछ समय से लगातार लोग शिकायत कर रहे हैं कि लोक अदालत में बड़े-बड़े अमाउंट वाले चालानों का टोकन नहीं मिल रहा। खासकर ₹5000 से अधिक राशि वाले चालानों पर जब पोर्टल पर सर्च किया जाता है, तो सिस्टम “No Record Found” दिखाता है।
अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों हो रहा है?
टोकन क्यों नहीं मिल रहा?
लोक अदालत में चालान सेटलमेंट के लिए टोकन लेना अनिवार्य है। लेकिन जब लोग पोर्टल पर अपने चालान सर्च करते हैं, तो:
- बड़े अमाउंट वाले चालानों पर No Record Found
- केवल ₹1000–₹2000 के छोटे चालानों पर ही टोकन मिल रहा है
बहुत से लोगों ने शिकायत की कि:
“बड़े अमाउंट का चालान क्यों नहीं दिख रहा? क्यों टोकन नहीं मिल रहा?”
इस मामले में कोई आधिकारिक नोटिस या सर्कुलर तो नहीं मिला,
लेकिन RTI के जवाब ने पूरा मामला साफ कर दिया।
RTI जवाब — बड़े चालान लोक अदालत में क्यों नहीं लिए जा रहे?
RTI में साफ लिखा है कि:
👉 लोक अदालत में सिर्फ उन्हीं वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) के चालान लिए जा रहे हैं, जिनमें सभी जुर्मानों का कुल योग ₹10,000/- से कम हो।
यानि:
- अगर किसी एक चालान का अमाउंट ₹10,000 से ज्यादा है
या - सभी चालानों का कुल अमाउंट ₹10,000 से ऊपर है
➡️ तो ऐसे मामलों में लोक अदालत के लिए टोकन नहीं मिलेगा।
इसका मतलब:
₹10,000 से ऊपर वाला कोई भी बड़ा चालान — लोक अदालत में सेटल नहीं होगा।

कितने चालान लोक अदालत में स्वीकार होते हैं? (RTI के अनुसार)
RTI जवाब में यह भी बताया गया है कि कितने चालान/नोटिस स्वीकार किए जाते हैं:
निजी वाहन (Private Vehicle):
- 5 नोटिस + 2 चालान = कुल 7 तक ही टोकन मिलेगा
वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicle):
- 1 नोटिस + 1 चालान = कुल 2 तक ही स्वीकार
अगर किसी वाहन के चालानों की संख्या इससे अधिक है,
➡️ तो भी टोकन जेनरेट नहीं होगा।
निष्कर्ष
👉 अगर आपकी गाड़ी Commercial Registration है
और चालान का कुल अमाउंट ₹10,000 से ज्यादा है,
तो लोक अदालत में आपका चालान सेटल नहीं होगा।
यह कारण है कि अधिकतर लोगों को बड़े अमाउंट वाले चालानों पर टोकन नहीं मिल रहा।
समाधान — अब क्या करें?
अगर आपके चालान का टोकन नहीं मिल रहा है तो:
➡️ आपको अपना चालान रेगुलर कोर्ट में ही सेटल कराना पड़ेगा।
लोक अदालत में तभी टोकन मिलेगा जब:
- चालान का कुल अमाउंट ₹10,000 से कम हो
- चालानों की संख्या निर्धारित सीमा के अंदर हो
इसलिए लोक अदालत जाने से पहले:
✔ अपने कुल चालानों की राशि चेक करें
✔ नोटिस और चालान की संख्या गिनें
✔ और अगर टोकन नहीं मिला — तो कोर्ट ही एकमात्र रास्ता है
















